अकबर बीरबल अविद्या कहानी हिन्दी Online-Study



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एक बार का समय था शहंशाह अकबर अपने दरबार में बैठे-बैठे कुछ सोच रहे थे तभी अकबर का सबसे प्रिय मंत्री बीरबल  वहां आता हैं और शहंशाह से पूछता है कि हे जहापना आप किस  सोच में डूबे हुए हैं


तब शहंशाह ने कहा कि हे बीरबल यह अविद्या क्या होती है

तब बीरबल ने कहा  कि आप मुझे पांच दिन की छुट्टी दे दो फिर मैं आपको बताऊंगा !


शहंशाह अकबर राजी हो गया और उसने बीरबल को पाँच  दिनों की छुट्टी दे दी !

बीरबल एक मोची के पास गया और बोला कि भाई मुझे जूती बना दो,मोची ने बीरबल से नाप पूछी तो बीरबल ने कहा भैया ये नाप वाप कुछ नहीं। डेढ़ फुट लंबी और एक बित्ता चौड़ी बना दो,और इसमें हीरे जवाहरात जड देना । सोने और चांदी के तारों से सिलाई कर देना और हाँ पैसे वैसे चिंता मत करना जितना मांगोगे उतना मिलेगा।

तो मोची ने भी कहा ठीक है भैया चोथे  दिन ले लेना !

चोथे दिन जूती मिली तब पारितोषिक देने के पहले बीरबल ने उस मोची से एक ठोस आश्वासन ले लिया कि वह किसी भी हालात में इस जूती का कभी भी जिक्र नहीं करेगा यानि हर हालात में अनजान बना रहेगा ।

*अब बीरबल ने एक जूती अपने पास रख ली और दूसरी मस्जिद में फेंक दी । जब सुबह मौलवी जी नमाज पढ़ने (बाँग देने ) के लिए मस्जिद गए तो मौलवी को वो जूती वहाँ पर मिली।*

          *मौलवी जी ने सोचा यह जूती किसी इंसान की तो हो ही नहीं सकती जरूर अल्लाह मियांनमाज पढ़ने आया होंगे और उनकी छूट गई होगी।*

           *तो उसने वह जूती अपने सर पर रखी, मत्थे से लगाई और खूब जूती को चाटा ।*

*क्यों ?*

*क्योंकि वह जूती अल्लाह की थी ना ।*

*वहां मौजूद सभी लोगों को दिखाया सब लोग बोलने लगे कि हां भाई यह जूती तो अल्लाह की रह गई उन्होंने भी उसको सर पर रखा और खूब चाटा।*

*यह बात शहंशाह अकबर तक गई।*

* तब शहंशाह अकबर ने बोला, मुझे भी दिखाओ ।*

* शहंशाह है अकबर ने भी उस जूती को देखकर बोला यह तो अल्लाह की ही जूती है।*

*उसने भी उसे खूब चाटा, सर पर रखा और बोला इसे मस्जिद में ही अच्छे और ऊंचे स्थान पर रखा जाए

* उधर बीरबल की जैसे ही छुट्टी समाप्त हुई, वह दरबार में  आया बादशाह को सलाम ठोका और उतरा हुआ मुंह लेकर खड़ा हो गया।*

*अब अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या हो गया मुँह क्यों 10 कोने का बना रखा है।*

*तो बीरबल ने कहा हुजूर हमारे यहां चोरी हो गई ।*

*अकबर गुस्से से बोला - कौन है वह जिसने हमारे राज्य में चोरी करने की हिमाकत की है 

और अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या चोरी हो गया है ...?

*बीरबल ने दबे स्वर में उत्तर दिया - हमारे परदादा की जूती थी जिनमें से चोर एक जूती उठा ले गया । एक बची हैः*

*अकबर ने पूछा कि क्या एक जूती तुम्हारे पास ही है ?*

*बीरबल ने कहा - जी मेरे पास ही है ।उसने वह जूती अकबर को दिखाई । अकबर का माथा ठनका और उसने मस्जिद से दूसरी जूती मंगाई और बोला *या अल्लाह मैंने तो सोचा कि यह जूती अल्लाह की है मैंने तो इसे चाट चाट के चिकनी बना डाली*

बीरबल ने कहा हे जहांपना यही है *अविद्या* ।
पता कुछ भी नहीं और भेड़ चाल में चले जा रहे हैं







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