राजस्थान की प्रमुख सिंचाई परियोजना






 राजस्थान की प्रमुख वृहद सिंचाई नहर परियोजना   

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Rajasthan ki parmukh sichai pariyojna 


○  इंदिरा गांधी नहर परियोजना  ○



●  इस परियोजना की रूपरेखा प्रथम बार बीकानेर रियासत के मुख्य सिंचाई अभियंता श्री कंवर सेन द्वारा 1948 में प्रस्तुत की गई

इस योजना का मुख्य उद्देश्य रावी व व्यास  नदियों के जल से राजस्थान को आवंटित 8.6 MAF पानी में से 7.59 MAF पानी का उपयोग कर पश्चिमी राजस्थान में सिंचाई व पेयजल उद्देश्य की पूर्ति करना है

●  इंदिरा गांधी नहर योजना को 'राजस्थान की जीवन रेखा' भी कहा जाता है


●  इस परियोजना की आधारशिला 31 मार्च 1958 को तत्कालीन गृह मंत्री श्री गोविंद बल्लभ पंत द्वारा रखी गई

●  इस नहर से पहली बार 11 अक्टूबर 1961 को उप राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा नौरंगदेसर वितरिका से पानी छोड़ा गया


●   इस नहर का उद्गम पंजाब में फिरोजपुर के निकट सतलज व्यास नदियों के संगम पर बने हरिके बैराज से है इसकी कुल लंबाई 649 किलोमीटर है जिसमें 204 किलोमीटर लंबी फीडर व 445 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर है



इंदिरा गांधी नहर से निकलने वाले 9 मुख्य शाखाएं    


1.    रावतसर शाखा-   हनुमानगढ़ (  नहर के बाएं तरफ  

2.   सूरतगढ़ शाखा-    गंगानगर

3.   अनूपगढ़ -          गंगानगर

4.   पूगल-     बीकानेर

5.   दांतोर   -     बीकानेर

6.   बीरसलपुर -   बीकानेर

7.   चारणवाला -   बीकानेर, जैसलमेर

8.   शहीद बीरबल  -   जैसलमेर

9.   सागरमल गोपा -     जैसलमेर


  नहर प्रणाली पर स्थित सात लिफ्ट नहरें  



लिफ्ट नहर का नाम एवं उनसे लाभान्वित जिले


1.  चौधरी कुंभाराम लिफ्ट नहर  -   हनुमानगढ़ ,चूरू ,बीकानेर, झुंझुनू

2.   कँवर सेन लिफ्ट नहर (  सबसे लंबी  ) -  बीकानेर एवं गंगानगर

3.    पन्नालाल बारूपाल लिफ्ट नहर  -   बीकानेर, नागौर

4.   वीर तेजाजी लिफ्ट नहर -   बीकानेर

5.   डॉक्टर करणी सिंह लिफ्ट नहर -   जोधपुर एवं बीकानेर


6.   गुरु जंभेश्वर लिफ्ट नहर  -   जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर


7.   जय नारायण व्यास लिफ्ट नहर-   जैसलमेर, जोधपुर


 राजस्थान में नहर का प्रवेश मसीतावाली (  हनुमानगढ़ )से होता है

राजस्थान में  फीडर की लंबाई 34 किलोमीटर है


इंदिरा गांधी नहर की समस्याएं एवं निदान   



     समस्याएं  


●   सेम (  जलभराव  ) की समस्या  -   नहरी जल के रिसाव को अत्यधिक शिक्षा के कारण भूजल स्तर के ऊपर आ जाने से भूमिका दलदली हो जाना ही सेम की समस्या है

●  भूमि में लवणीयता  व क्षारीयता की वृद्धि

●  वातावरण या कारको में आए तीव्र बदलाव से शूष्क  क्षेत्रीय वनस्पति एवं जैव विविधता को खतरा

●   पारिस्थितिकीय  परिवर्तन के कारण उत्पन्न समस्याएं

      निदान - सेम की समस्या हेतु :

●   दलदली क्षेत्रों में पानी की निकासी हेतु डीप ड्रेनेज कैनाल का निर्माण

●   रिसाव को न्यूनतम करने हेतु नहर की मरम्मत एवं लाइनिंग कार्य

●   बूंद बूंद सिंचाई पद्धति व फव्वारा सिंचाई पद्धति का प्रयोग

●   सिंचाई योग्य क्षेत्र में  वृद्धि

●   नहर के दोनों और सघन वृक्षारोपण करना

●   फलों में वृक्षों की कतार के मध्य सेवण घास रोपण



 गंग नहर परियोजना (  बीकानेर नहर  )   



●   गंग नहर परियोजना राज्य की प्रथम सिंचाई परियोजना है

●  इस नहर का निर्माण बीकानेर रियासत के महाराजा श्री गंगा सिंह जी द्वारा 1921 से 27 के बीच किया गया

●  उद्गम -   फिरोजपुर पंजाब के निकट हुसैनीवाला में सतलज नदी से


●    नहर की सिंचाई क्षमता  -   3.08 लाख हैक्टेयर

●   लाभान्वित जिला  -   श्रीगंगानगर

 राजीव गांधी सिद्धमुख नोहर सिंचाई परियोजना  

●  परियोजना का शिलान्यास  -   यूरोपीय आर्थिक समुदाय के सहयोग से 5 अक्टूबर 1989 को बिरानी गांव के समीप

●   लोकार्पण -  12 जुलाई 2002


●   लाभान्वित क्षेत्र  -   हनुमानगढ़ जिले की नोहर भादरा तहसील चूरू जिले की राजगढ़ तहसील की कुल 113 गांव की 111458 हेक्टेयर कृषि भूमि



        सिद्धमुख रतनपुरा वितरिका नहर  



●  योजना का प्रारंभ -   नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से 30 जून 1999 को हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील के बिरानी गांव में

●  लाभान्वित क्षेत्र -   हनुमानगढ़ वह चूरू जिले की 18350 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई सुविधा


            नर्मदा नहर परियोजना  



●  नर्मदा जल में राजस्थान का हिस्सा    -   0.50 MAF


●  उद्गम -   सरदार सरोवर बांध ( 458 किलोमीटर गुजरात में तथा 74 किलोमीटर राजस्थान में )

●  स्प्रिंकलर फव्वारा सिंचाई पद्धति  -   इस पद्धति के प्रयोग वाली राज्य की पहली परियोजना

●  नर्मदा नहर परियोजना का राजस्थान में प्रवेश  -   मार्च 2008 में सांचौर ( जालौर )

●   लाभान्वित जिले  -  जालोर व बाड़मेर

●  नर्मदा नहर परियोजना में निर्माणाधीन लिफ्ट परियोजनाएं  -  1. सांचौर लिफ्ट नहर

2.  भादरेडा  लिफ्ट नहर

3.   पनोरिया लिफ्ट नहर


         बिसलपुर परियोजना  



●   प्रारंभ   -  1988-89     ,  574 मीटर लंबा एवं 39.5 मीटर ऊंचा बांध

●  स्थिति -  टोडारायसिंह टोंक के पास बिसलपुर गांव में बनास नदी पर


●   लाभान्वित क्षेत्र -   जयपुर ,अजमेर ,केकड़ी नसीराबाद, सरवाड़ ,ब्यावर ,किशनगढ़ एवं रास्ते में आने वाले गांवों को पेयजल सुविधा व टोंक जिले के पान 256 गांव की 81800 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा